भारत में टू-व्हीलर के लिए नया टोल टैक्स सिस्टम

अब टू-व्हीलर को भी देना होगा टोल?

भारत सरकार ने हाल ही में एक नई टोल टैक्स स्कीम की घोषणा की है, जो टू-व्हीलर यानी बाइक और स्कूटर चालकों के लिए बनाई गई है। अब तक भारत में टू-व्हीलर से टोल नहीं लिया जाता था, लेकिन बदलते समय और ट्रैफिक मैनेजमेंट के चलते सरकार ने यह कदम उठाया है।

इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि यह नई स्कीम क्या है, इसका क्या असर पड़ेगा, किसे कितना टोल देना होगा और क्या ये आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

क्या है यह नई टोल टैक्स स्कीम?

सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि दोपहिया वाहनों के लिए भी एक सब्सक्रिप्शन-बेस्ड टोल सिस्टम शुरू किया जाएगा। इसका मतलब है कि बाइक या स्कूटर चालक मासिक या वार्षिक सब्सक्रिप्शन प्लान चुन सकते हैं और एक तय शुल्क देकर वे पूरे महीने या साल भर टोल फ्री यात्रा कर सकेंगे।

मुख्य बातें:

  • सभी प्रमुख हाइवे और एक्सप्रेसवे पर लागू होगा
  • FASTag सिस्टम को ही बेस बनाया जाएगा
  • मासिक या वार्षिक पास ऑप्शन मिलेगा
  • बिना सब्सक्रिप्शन के यात्रा करने पर प्रति टोल गेट शुल्क लगेगा

कितना लगेगा टोल शुल्क टू-व्हीलर के लिए?

सरकार की तरफ से अभी तक फाइनल रेट घोषित नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि:

प्लानसंभावित शुल्कवैधता
मासिक पास₹150 – ₹200पूरे महीने अनलिमिटेड ट्रिप
वार्षिक पास₹1500 – ₹2000पूरे साल टोल फ्री यात्रा

अगर आप कभी-कभार ही हाइवे पर सफर करते हैं, तो प्रति यात्रा ₹15 – ₹25 का टोल चार्ज हो सकता है।


सरकार का उद्देश्य क्या है इस स्कीम से?

  1. समानता: अभी तक सिर्फ कारों, ट्रकों और बसों से टोल वसूली होती थी। अब टू-व्हीलर की संख्या बढ़ने से उनके लिए भी टोल जरूरी माना जा रहा है।
  2. रोज़गार और रख-रखाव: टोल से मिली राशि हाइवे के रख-रखाव और नए प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल होगी।
  3. डिजिटल भारत: इस स्कीम से डिजिटल पेमेंट और FASTag का प्रयोग बढ़ेगा।

टू-व्हीलर चालकों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

फायदे:

  • एक ही बार भुगतान करके महीने भर टोल फ्री सफर
  • डिजिटल और बिना रुकावट यात्रा
  • लंबी दूरी के राइडर्स के लिए सुविधाजनक

नुकसान:

  • जो लोग महीने में 1-2 बार ही हाइवे पर जाते हैं, उनके लिए महंगा साबित हो सकता है
  • लोकल यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या हर टू-व्हीलर को FASTag लेना अनिवार्य होगा?

हाँ, जो भी टोल रोड पर सफर करेगा, उसे FASTag ज़रूरी होगा।

Q2. सब्सक्रिप्शन नहीं लेने पर क्या होगा?

आपको हर टोल गेट पर निर्धारित चार्ज देना होगा।

Q3. सब्सक्रिप्शन कहां से मिलेगा?

NHAI की वेबसाइट, पेटीएम, गूगल पे जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से लिया जा सकता है।

Q4. स्कूटर और बाइक दोनों के लिए एक ही रेट है?

संभावना है कि दोनों को एक ही श्रेणी में रखा जाएगा, लेकिन अलग-अलग स्लैब भी हो सकते हैं।


क्या यह स्कीम फेयर है?

टू-व्हीलर चलाने वालों के लिए यह एक नई जिम्मेदारी जरूर है, लेकिन सरकार इसे इस तरह पेश कर रही है कि ये सिस्टम ट्रैफिक को संतुलित करने और सड़क गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करेगा।

कुछ लोगों को यह निर्णय बोझ जैसा लग सकता है, लेकिन यदि आप नियमित रूप से लंबी दूरी तय करते हैं, तो सब्सक्रिप्शन आपके लिए किफायती होगा।


निष्कर्ष: तैयारी अभी से शुरू करें

भारत में टोल टैक्स सिस्टम अब और डिजिटल और समावेशी बन रहा है। अगर आप बाइक या स्कूटर से लंबी दूरी तय करते हैं, तो यह आपके लिए महत्वपूर्ण बदलाव है।

अब समय आ गया है कि आप भी FASTag लगवाएं और आने वाले बदलावों के लिए तैयार रहें।

1 thought on “भारत में टू-व्हीलर के लिए नया टोल टैक्स सिस्टम”

Leave a Comment